यूक्रेन युद्ध
यूक्रेन-युध्द ------------- ....क्या हो गया है इस बदहवास भीड़ को! क्यों भागे जा रहे हैं बेतहाशा क्यों है इतनी बेचैनी छोड़ने की .. अपने वतन को .... सहमें हुए हैं घायल रक्त रंजित वृध्द,बच्चे, स्त्रियां भागे जा रहे हैं भागे जा रहे हैं शरणार्थी शिविरों की ओर .... आज सारा युक्रेन तब्दील हो गया है श्मशान में जल रहा है धू -धू एक आग सुलगने लगी है लोगों के भीतर भी लहू खौल रहा है युद्धोन्माद के खिलाफ एक यक्ष प्रश्न तैर रहा है हवा में क्या युद्ध के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है समाधान का ... ... हर क्षण भयावह और वीभत्स जाने कब कौन,कहाँ शिकार हो जाये निर्दय खूंखार गोलियों का उडाये जा रहे हैं मिसाइलों से इंसानियत के परखच्चे शनैश्चर विचरण कर रहा है मुंडेर - दर -मुंडेर .... कहीं यह अतंर्दृष्टि की घोर चूक तो नहीं वोलोदिमीर जेलेंस्की देखो तो कैसा मंजर है चारों ओर या फिर तुम्हें दिखाई नहीं देता कि क्या हो रहा है? .. किसी को कुछ नजर नहीं आता कोहरा बहुत घना है तो जायें कहाँ, हर मोड़ पर तो खतरा है "टैंक" मुह...