Posts

Showing posts from June, 2021

अभी अभी तो (कविता)बसन्त राघव

अभी अभी तो....    ***********   अभी- अभी तो   दौडना शुरू किया था उसने   कृतसंकल्प   जनपथ से राजपथ की ओर    तुमने तोड दिये     उसके दोनों मजबूत पैर    अभी- अभी तो    निहारना शुरू किया     उसकी सपनीली आंखों ने    अनंत असीम की ओर    अभी- अभी तो     विहार कर रहा था      सुरम्य अरण्य में  वह     अपनी सद्य: परिणीता       संगिनी सह       क्या बात हो गयी       कि      सहसा       तुमने पोंछ दिया       एक मांग का सिंदूर...      पुनरावृत्त हो गया       एक  नृशंस क्रौंच वध       जी चाहता है       चस्पा कर‌ दूं       तुम्हारे चेहरे पर       निर्दय ,निर्मम का        गर्हित संबोधन ...!    ...

ढाई आखर (अव्दितीय कवि आनंदी सहाय शुक्ल) लेखक डाँ. बलदेव

ढाई आखर लेखक डाँ. बलदेव pdf  

छत्तीसगढ़ी कविता के सौ साल(संपादक-डाँ. बलदेव)

छत्तीसगढ़ी कविता के सौ साल(संपादक-डाँ. बलदेव)pdf  

धरती सबके महतारी(छत्तीसगढ़ी काव्य संग्रह)डाँ. बलदेव

धरती सबके महतारी(छत्तीसगढ़ी काव्य संग्रह)डाँ. बलदेवpdf  

साहित्य वाचस्पति. पं.लोचन प्रसाद पांडेय (समीक्षा ग्रंथ)डाँ. बलदेव

साहित्य वाचस्पति पं.लोचन प्रसाद पांडेय लेखक डाँ. बलदेवpdf  

हिंदी के आख्यानक प्रगीत:-डाँ. बलदेव

हिंदी के आख्यानक प्रगीत(डाँ. बलदेव)pdf