पुण्य पथ पथिक:डाँ. बलदेव(रामनाथ साहू)
पुण्य पथ पथिक
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पुण्य पथ पथिक
बढ़ चला
कर् विरल नेह -उपवन ।
स्मृतियाँ इतनी घनी ..
इतनी घनी कि लगता है
तुम पास ही हो यकीनन ।
सहज सरल समरस समगात
तुम्हारी मन्द - मन्द मुस्कान
जैसे प्राची में मुकुलित नवल प्रभात
जिसके भी सर पर रखा प्रशस्त हस्त बन गया वह साम गान उदगाता ।
अवदान तुम्हारा
युग सम्भाल सके तो सम्भाले
कहाँ से लाते थे तुम यह सब
भर भर लुटाते पर कभी न् घटता ।
विस्मित चकित खड़े हैं हम
क्या सचमुच कुछ हुआ ?
नहीं ।
कभी और कोई भवभूति
तुम सा समान- धर्मा आएगा
तुम्हारे मर्मों को जगत को समझाएगा
तुम तो शाश्वत हो ..चिरन्तन हो ।
अभी तो इस समय
केवल तुम्हारा वंदन ।
रामनाथ साहू
देवरघटा डभरा
जिला जांजगीर चाम्पा
मो -9977362668
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