सपनों की तलाश
सपनों की तलाश-(कहानी) --------------------------- बसन्त राघव मिस मोयना मिंज जब बस से उतरी तो उसे बड़ा अजीब सा लगा। नई जगह, नए लोग । सब कुछ नया और अनजाना था उसके लिए। कई अपरिचित निगाहें उसे घूर रही थीं । एक अनजाना भय उसके भीतर कुलबुलाने लगा। उसने अपना पल्ल्रू ठीक किया और कुली को सामान नीचे उतारने के लिए कह दिया । जैसे ही वह चलने के लिए तैयार हुई , एक सजीला नवजवान सामने आकर खड़ा हो गया । उसने झिझकते हुए कहा- " क्या आप ही मिस मोयना मिंज है ? ' "जी हाँ , आपकी तारीफ़ ?" मोयना मिंज ने ऐसे कहा जैसे वह बिलकुल सहज और बेधड़क हो । ... और उसने प्रश्न वाचक दृष्टि उस पर डाल दी । युवक की आँखों में एक चमक उठी, उसने किंचित मुस्कुरा कर कहा- मैं वेट्रिनरी फील्ड असिस्टेंट लक्ष्मीकांत मिश्रा हूँ । मि ०मिंज ने लिखा था कि आज आप शाम वाली बस से आ रही है । " " बड़ी प्रसन्नता हुई आपसे मिलकर " और उसने नमस्ते की मुद्रा में दोनों हाथ जोड़ दिए। "पापा ने बताया ...